राष्ट्र की जय चेतना का गान वन्दे मातरम्।आरएसएस गीत | rss song lyrics

राष्ट्र की जय चेतना का गान वन्दे मातरम्। आरएसएस गीत | rss

song lyrics

 

राष्ट्र की जय चेतना का गान वन्दे मातरम्

 

राष्ट्र की जय चेतना का गान वन्दे मातरम् 

राष्ट्रभक्ति प्रेरणा का गान वन्दे  मातरम्।। 

वंसी के बहते स्वरों का प्राण वन्दे मातरम  

झल्लरि झनकार झनके नाद वन्दे  मातरम् 

शंख के संघोष का सन्देश वन्दे मातरम्।।१  

 

सृष्टि बीज मंत्र का है मर्म वन्दे  मातरम् 

राम के वनवास का है काव्य वन्दे मातरम् 

दिव्य गीता ज्ञान का संगीत वन्दे मातरम्।।२ 

 

हल्दीघाटी के कणो व्याप्त वन्दे मातरम् 

दिव्य जौहर ज्वाला का  तेज वन्दे मातरम 

वीरों के बलिदान का हुंकार वन्दे मातरम्।।३ 

 

जनजन के हर कंठ का हो गान वन्दे मातरम् 

अरिदल थरथर कांपे सुनकर नाद वन्दे मातरम् 

वीर पुत्रों अमर ललकार वनडे मातरम्।।४ 

 

यह भी पढ़ें – संघ सरचालकों की शैक्षणिक योग्यता

इस भगवा ध्वज को ‘ श्री रामचंद्र ‘ ने राम – राज्य में ‘ हिंदूकुश ‘ पर्वत पर फहराया था , जो हिंदू साम्राज्य के वर्चस्व का परिचायक है।  इसी भगवा ध्वज को ‘ वीर शिवाजी ‘ ने मुगल व आताताईयों को भगाने के लिए थामा था। वीरांगना लक्ष्मीबाई ने भी साँस छोड़ दिया , किंतु भगवा ध्वज को नहीं छोड़ा।
इस भगवा प्लेटफार्म से हम हिंदू अथवा हिंदुस्तान के लोगों से एक सभ्य व शिक्षित समाज की कल्पना करते हैं। जिस प्रकार से राम – राज्य में शांति और सौहार्द का वातावरण था , वैसे ही राज्य की कल्पना हम इस समाज से करते हैं।

आपसे अनुरोध है कि अपने विचार कमेंट बॉक्स में सम्प्रेषित करें। 

फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से अपने सुभेक्षु तक भेजें। 

अपना फेसबुक लाइक तथा यूट्यूब पर सब्स्क्राइब करना न भूलें। 

facebook  page

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *