तुम वीर शिवा के वंशज हो। tum veer shiva ke vanshaj ho

tum veer shiva ke vanshaj ho     तुम वीर शिवा के वंशज हो फिर रोष तुम्हारा कहाँ गया। बोलो राणा की सन्तानों वह जोश तुम्हारा कहाँ गया॥     ओ वीर तुम्हारे कदमों से सारी धरती थर्राती थी सागर का दिल हिल जाता था पर्वत की धड़कती छाती थी अब चाल में सुस्ती कैसी … Read more तुम वीर शिवा के वंशज हो। tum veer shiva ke vanshaj ho