कही पर्वत झुके भी है कही दरिया रुकी भी है।rss geet gangeet | kahi parwat jhuke

कही पर्वत झुके भी है rss geet   कही पर्वत झुके भी है , कही दरिया रुकी भी है। नहीं झुकती जवानी है , नहीं रूकती रवानी है। । २   गुरु गोविन्द के बच्चे , उम्र में थे अभी कच्चे। पर वे सिघ  बच्चे , धर्म ईमान के सच्चे। गरज कर बोल उठे वे … Read more कही पर्वत झुके भी है कही दरिया रुकी भी है।rss geet gangeet | kahi parwat jhuke